| Paper Title |
भाषा विचार और राजनीतिक भविष्य |
| Author(s) | Dr Gouri Singh Parte. |
| Country | India |
| Abstract |
किसी भी देश में उसकी भाषा के संरक्षण और विकास के लिए यह आवश्यक है कि उसी भाषा में सरकार कार्य करे और सभी सुविधाओं को भी उसी भाषा में प्राप्त किया जा सके। इस कारण हर देश में आधिकारिक भाषा चुना जाता है। जिससे उसी भाषा में सरकार कार्य कर सके। यह भाषा उस देश में सबसे अधिक लोगों द्वारा बोली, समझी जाती है या उस देश में निर्मित भाषा होती है। लेकिन कुछ देशों में एक से अधिक भाषाओं के बोले और समझे जाने व कई भाषाओं का जन्म स्थान होने के कारण आधिकारिक भाषा चुनने में समस्या उत्पन्न होती है। यदि कोई ऐसे देश की सरकार अपने देश की किसी भाषा को आधिकारिक भाषा बना ले तो विपक्ष में, मुख्य रूप से दूसरे भाषी क्षेत्रों में रहने वाले राजनीतिक दल इसका विरोध करते हैं। जिससे दूसरे भाषी लोग विपक्ष को आने वाले चुनाव में मत दे सकें। अपने चुनावी कार्यक्रमों में भी इसे ही मुद्दा बनाते हैं, जिससे इस बात को कोई न भूले और मुद्दे को और भी गंभीर बनाया जा सके। |
| Subject Area | Political Science |
| Issue | Volume 2, Issue 2 (February 2025) |
| Published | 2025/02/15 |
| How to Cite | Parte, D. G. S. (2025). भाषा विचार और राजनीतिक भविष्य. ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 2(2), 12–18. https://doi.org/10.70558/SPIJSH.2025.v2.i2.45117 |
| DOI | 10.70558/SPIJSH.2025.v2.i2.45117 |
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