ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities

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A Peer-Reviewed & Refereed International Multidisciplinary Monthly Journal

Call For Paper - Volume - 3 Issue - 6 (June 2026)
Article Title

महादेवी वर्मा की दृष्टि में भारतीय स्त्री की सामाजिक एवं आर्थिक स्वतत्रंता का मूल्यांकन

Author(s) डा. प्रमोद कुमार सहनी.
Country India
Abstract

महादेवी वर्मा छायावाद की सर्वाधिक प्रतिभावान कवयित्रियों में से हैं। वे हिन्दी साहित्य में छायावादी युग के प्रमुख स्तम्भों ‘जयशंकर प्रसाद’, सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला” और ‘सुमिंत्रानंदन पंत’ के साथ महत्वपूर्ण हस्ताक्षर मानी जाती हैं। उन्हें आधुनिक ‘मीराबाई’ भी कहा जाता है। कवि निराला ने उन्हें “हिन्दी के विशाल मन्दिर की सरस्वती” भी कहा है। महादेवी जी अध्यापन से अपने कार्यजीवन की शुरूआत की और अंतिम समय तक प्रयाग महिला विद्यापीठ की प्रधानाचार्य बनी रहीं। प्रतिभावान कवयित्री और गद्य लेखिका महादेवी वर्मा जी साहित्य और संगीत के जानकार होने के साथ-साथ कुशल चित्रकार और अनुवादक भी थीं। गत शताब्दी की सर्वाधिक लोकप्रिय महिला साहित्याकार के रूप में जीवन भर पूजनीय बनी रहीं। भारत की 50वीं सबसे यशस्वी महिलाओं में इनका नाम बड़ा आदर से लिया जाता है।

Area Hindi
Issue Volume 2, Issue 7 (July 2025)
Published 2025/07/19
How to Cite प्रमोद कुमार सहनी (2025). महादेवी वर्मा की दृष्टि में भारतीय स्त्री की सामाजिक एवं आर्थिक स्वतत्रंता का मूल्यांकन. ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 2(7), 56–62. https://doi.org/10.70558/SPIJSH.2025.v2.i7.45255
DOI 10.70558/SPIJSH.2025.v2.i7.45255

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