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ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities

ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities

A Peer-Reviewed & Refereed International Multidisciplinary Monthly Journal

Call For Papers - Volume - 3 Issue - 7 (July 2026)
Paper Title

भारतीय परिप्रेक्ष्य में समाज एवं संगीत व्यवसाय का पारस्परिक संबंध

Author(s) Dr. Shupreet singh, Hasandeep Singh.
Country India
Abstract

भारतीय संस्कृति में संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं रहा है, बल्कि यह सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक तथा आर्थिक जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग रहा है। समाज और संगीत का संबंध अत्यंत प्राचीन एवं घनिष्ठ है। जिस प्रकार समाज की संरचना, मान्यताएँ, परम्पराएँ तथा आर्थिक परिस्थितियाँ समय के साथ परिवर्तित होती रही हैं, उसी प्रकार संगीत का स्वरूप तथा उसका व्यावसायिक पक्ष भी निरंतर विकसित होता रहा है। प्रारम्भिक काल में संगीत का मुख्य उद्देश्य आध्यात्मिक उन्नति, धार्मिक अनुष्ठानों की सिद्धि तथा सांस्कृतिक अभिव्यक्ति था, किन्तु कालान्तर में यह जीविकोपार्जन एवं व्यवसाय का भी महत्वपूर्ण साधन बन गया। वर्तमान समय में संगीत शिक्षा, मंचीय प्रस्तुति, रिकॉर्डिंग, प्रसारण, फिल्म उद्योग, डिजिटल मीडिया तथा ऑनलाइन मंचों ने संगीत व्यवसाय को व्यापक आयाम प्रदान किए हैं। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य समाज एवं संगीत व्यवसाय के पारस्परिक संबंध का विश्लेषण करना है। इस अध्ययन में यह स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है कि समाज ने संगीत व्यवसाय के विकास को किस प्रकार प्रभावित किया तथा संगीत ने सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक संरक्षण एवं आर्थिक गतिविधियों में किस प्रकार योगदान दिया।

Keywords समाज, संगीत व्यवसाय, भारतीय संगीत, सांस्कृतिक विकास, संगीत शिक्षा, सामाजिक परिवर्तन, कला एवं संस्कृति।
Subject Area Music
Issue Volume 3, Issue 6 (June 2026)
Published 2026/06/27
How to Cite singh, S., & Singh, H. (2026). भारतीय परिप्रेक्ष्य में समाज एवं संगीत व्यवसाय का पारस्परिक संबंध. ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 3(6), 195–202.

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