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ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities

ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities

A Peer-Reviewed & Refereed International Multidisciplinary Monthly Journal

Call For Papers - Volume - 3 Issue - 7 (July 2026)

लेखक दिशानिर्देश

Author Guidelines (English)

ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities में शोध-पत्र प्रकाशित करने के लिए लेखकों को कुछ विशेष दिशानिर्देशों का पालन करना आवश्यक है। ये दिशानिर्देश सुनिश्चित करते हैं कि सभी प्रस्तुतियाँ उच्च गुणवत्ता की हों, सुगठित हों, और अनुसंधान के नैतिक मानकों का पालन करें।

महत्वपूर्ण सूचना:

  • शोध पत्र को लिखने में AI (ChatGPT) की  मदद ली जा सकती है, किंतु शोध पत्र पूरी तरह से AI से लिखा हुआ नहीं होना चाहिए।
  • शोध पत्र में आवश्यकतानुसार Headlines का प्रयोग करें।
  • बहुत अधिक Sub-Headings का प्रयोग न करें।
  • कृपया शोध पत्र को नोट्स की तरह बिंदुओं (bullets) में ना लिखें।
  • शोध-पत्र वेबसाइट पर सबमिट करना होगा तथा प्रकाशन शुल्क (APC) शोध-पत्र स्वीकार होने के बाद ही जमा करना होगा।

1. लेख संरचना

(प्रस्तुत पांडुलिपि का शोध पत्र (Research Paper) अथवा समीक्षा लेख (Review Paper) के निर्धारित एवं मानक प्रारूप के अनुरूप होना अनिवार्य है; निर्धारित प्रारूप का पालन न होने की स्थिति में पांडुलिपि को अस्वीकृत कर दिया जाएगा।)

निम्नलिखित बिंदु अनिवार्य रूप से होने चाहिए।

  • शीर्षक: शोध-पत्र का शीर्षक संक्षिप्त और स्पष्ट होना चाहिए, जो शोध के उद्देश्य और दायरे को दर्शाए।
  • लेखक जानकारी: शोध शीर्षक के नीचे सभी लेखकों के नाम, पद, संबद्ध संस्थान का उल्लेख करें।
  • सारांश: शोध के सारांश का संक्षिप्त विवरण, 200-250 शब्दों में दें। इसे सरल भाषा में लिखें।
  • मुख्य शब्द: 4 से 10 मुख्य शब्द जो शोध-पत्र की थीम को परिभाषित करते हों।
  • मूल आलेख:- आवश्यकता अनुसार – भूमिका, साहित्य समीक्षा, पद्धति, परिणाम और चर्चा इत्यादि शोध पत्र में जोड़े।
  • निष्कर्ष: शोध के परिणाम का सारांश और अध्ययन के महत्व को संक्षेप में (200 से 300 शब्दों में) लिखें।

संदर्भ:

  • शोध-पत्र में प्रयुक्त सभी स्रोतों का क्रमबद्ध विवरण देना आवश्यक है। संदर्भों की संख्या अधिमानतः कम से कम 5 होनी चाहिए।
  •  यह अपेक्षित है कि हिन्दी माध्यम के शोध पत्रों में अधिकांश संदर्भ हिन्दी भाषा में प्रकाशित स्रोतों से लिए गए हों। केवल अंग्रेज़ी संदर्भों पर आधारित शोध-पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा।
  • संदर्भ सूची में ब्लॉग या सामान्य वेबसाइटों का प्रयोग न करें। केवल विश्वसनीय पुस्तकों, शोध-पत्रों और अकादमिक स्रोतों का ही उपयोग करें।

संदर्भों को निम्नलिखित प्रारूप के अनुसार लिखा जाए:

  • पुस्तक का प्रारूप: शर्मा, रामविलास। (2001)। हिन्दी साहित्य का इतिहास। दिल्ली: राजकमल प्रकाशन।
  • शोध-लेख का प्रारूप: वर्मा, नरेन्द्र। (2022)। आधुनिक हिन्दी कविता में सामाजिक चेतना। हिन्दी साहित्य शोध पत्रिका, 15(2), 45–52।

2. प्रारूपण और फ़ाइल आवश्यकताएँ

  • शोध-पत्र केवल MS Word प्रारूप (.doc/.docx) में ही स्वीकार किए जाएंगे।
  • शोध-पत्र की लंबाई 2500 से 5000 शब्दों के बीच होनी चाहिए।
  • जमा की जा रही फ़ाइल का आकार 5 MB से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • शोध पत्र लिखने के लिए Unicode (Mangal या Nirmala UI) फ़ॉन्ट का प्रयोग करें।
  • यदि आवश्यक हो, तो चार्ट, ग्राफ़ और टेबल्स का उपयुक्त उपयोग करें। सभी ग्राफ़ और टेबल्स को मुख्य टेक्स्ट में उसी क्रम में जोड़ें जिस क्रम में वे चर्चा किए जाते हैं  ।

3. मूलता और मौलिकता

  •  केवल मौलिक और अप्रकाशित कार्य प्रस्तुत करें। प्लेगरिज्म (साहित्यिक चोरी) की अनुमति नहीं है, और सभी पांडुलिपियाँ एक साहित्यिक चोरी जांच से गुजरेंगी। यह 15% से अधिक नहीं होना चाहिए।
  •  यह भी सुनिश्चित करें कि प्रस्तुत शोध-पत्र किसी अन्य पत्रिका में समीक्षा या प्रकाशन के अधीन नहीं है ।