| Paper Title | राष्ट्र की सांस्कृतिक एकता और प्रयागराज महाकुंभ: एक सांस्कृतिक-भौगोलिक अध्ययन |
| Author(s) | बाल गोविंद, विरेन्द्र सिंह चौहान. |
| Country | India |
| Abstract | दुनिया के सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक प्रयागराज महाकुंभ मेला सांस्कृतिक एकीकरण और आदान-प्रदान के लिए एक शक्तिशाली स्थल के रूप में कार्य करता है। गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम पर हर बारह साल में आयोजित होने वाला यह मेला भारत के विभिन्न क्षेत्रों और उसके बाहर से लाखों तीर्थयात्रियों, संतों, विद्वानों और आगंतुकों को एक साथ लाता है। यह पत्र कुंभ मेले के सांस्कृतिक और भौगोलिक आयामों की पड़ताल करता है, और भारत की विशाल विविधता के बीच एकता को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका पर बल देता है। विभिन्न सांस्कृतिक, क्षेत्रीय और आध्यात्मिक प्रथाओं के अभिसरण के माध्यम से यह आयोजन संवाद, आपसी समझ और साझा धार्मिक अनुभवों के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। मेले के अनुष्ठानों, प्रदर्शनों और प्रतिभागियों के बीच बातचीत की जांच करके, यह अध्ययन इस बात पर प्रकाश डालता है कि कुंभ मेला कैसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करता है |
| Subject Area | Geography |
| Issue | Volume 2, Issue 2 (February 2025) |
| Published | 2025/02/27 |
| How to Cite | बाल गोविंद एवं विरेन्द्र सिंह चौहान (2025). राष्ट्र की सांस्कृतिक एकता और प्रयागराज महाकुंभ: एक सांस्कृतिक-भौगोलिक अध्ययन. ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 2(2), 92–100. https://doi.org/10.70558/spijsh.2025.v2.i2.45152 |
| DOI | 10.70558/SPIJSH.2025.v2.i2.45152 |
| License |
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