| Paper Title | बलिया जनपद के शैक्षिक परिद्श्य का एक भौगोलिक अध्ययन |
| Author(s) | अजीत कुमार यादव, डॉ. आरती विश्नोई. |
| Country | India |
| Abstract | ज्ञान के माध्यम से मानवता को आदर्श एवं विकसित स्वरूप प्रदान किया जा सकता है। शिक्षित समाज अपने अर्जित ज्ञान, विवेक और कौशल का उपयोग सामाजिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक विकास में प्रभावी रूप से कर सकता है। ज्ञान केवल व्यक्तिगत उन्नति का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन, समानता और सभ्य विकास की आधारशिला भी है। हालांकि ज्ञान और शिक्षा की उपलब्धता तथा उसके उपयोग में लैंगिक एवं सामाजिक विभेद व्यवहारिक रूप से दिखाई देते हैं। स्त्री और पुरुष के बीच शिक्षा, अवसर तथा संसाधनों की असमान उपलब्धता सामाजिक संरचना में विद्यमान भेदभाव को स्पष्ट करती है। इसके अतिरिक्त, व्यक्ति की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति भी उसके ज्ञानार्जन और शैक्षिक अवसरों को प्रभावित करती है। यदि शिक्षा केवल संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर होती, तो विभिन्न सामाजिक समूहों में शिक्षा का स्तर लगभग समान होता; किंतु सामाजिक मान्यताएँ, पारिवारिक वातावरण, आर्थिक क्षमता और लैंगिक दृष्टिकोण इसके स्वरूप को प्रभावित करते हैं। शिक्षा एक महत्वपूर्ण मानवीय संसाधन है, जो व्यक्ति की क्षमताओं का विकास कर उसकी दैनिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को सरल, उपयोगी और प्रभावी बनाती है। अतः समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता तथा सतत् मानव विकास के लिए आवश्यक है। |
| Keywords | साक्षरता की भूमिका, बहुआयामी विकास, संस्थानिक स्थिति, शैक्षिक स्थिति। |
| Subject Area | Geography |
| Issue | Volume 2, Issue 2 (February 2025) |
| Published | 2025/02/28 |
| How to Cite | अजीत कुमार यादव एवं आरती विश्नोई (2025). बलिया जनपद के शैक्षिक परिद्श्य का एक भौगोलिक अध्ययन. ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 2(2), 109–120. https://doi.org/10.70558/spijsh.2025.v2.i2.45153 |
| DOI | 10.70558/SPIJSH.2025.v2.i2.45153 |
| License |
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