| Paper Title |
भारत में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की प्रवृत्ति का विश्लेषणात्मक अध्ययन |
| Author(s) | मंजू, डॉ. शरद कुमार. |
| Country | India |
| Abstract |
यह शोध भारत में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की प्रवृत्तियों, इसके आर्थिक प्रभावों और नीतिगत सुधारों का विश्लेषण करता है। अध्ययन का मुख्य उद्देश्य 1991 के आर्थिक उदारीकरण के बाद भारत में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश प्रवाह की प्रवृत्तियों को समझना और उनके प्रभावों का मूल्यांकन करना है। भारत में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश प्रवाह में निरंतर वृद्धि हुई है, विशेष रूप से आईटी, विनिर्माण, खुदरा और सेवा क्षेत्रों में। महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात और दिल्ली जैसे राज्यों में निवेश अधिक केंद्रित रहा, जबकि पूर्वोत्तर और कुछ उत्तरी राज्यों में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश अपेक्षाकृत कम रहा। सरकार द्वारा ‘मेक इन इंडिया,’ ‘स्टार्टअप इंडिया,’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी नीतियाँ विदेशी निवेश को आकर्षित करने में सहायक रही हैं। नीतिगत अस्थिरता, नौकरशाही बाधाएँ, भूमि अधिग्रहण की जटिलताएँ और श्रम सुधारों की कमी जैसी चुनौतियाँ विदेशी प्रत्यक्ष निवेश प्रवाह को प्रभावित कर रही हैं। अध्ययन यह निष्कर्ष निकालता है कि यदि भारत व्यापार सुगमता सुधारता है, वैश्विक व्यापार समझौतों में अधिक भागीदारी करता है, और पिछड़े राज्यों में निवेश अनुकूल माहौल विकसित करता है, तो यह वैश्विक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश केंद्रों में एक प्रमुख खिलाड़ी बन सकता है। यह शोध नीति निर्माताओं, निवेशकों और अर्थशास्त्रियों के लिए उपयोगी होगा, क्योंकि यह भारत में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के अवसरों और बाधाओं को व्यापक रूप से प्रस्तुत करता है। |
| Subject Area | Economics |
| Issue | Volume 2, Issue 5 (May 2025) |
| Published | 2025/05/12 |
| How to Cite | मंजू एवं शरद कुमार (2025). भारत में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की प्रवृत्ति का विश्लेषणात्मक अध्ययन. ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 2(5), 43–51. https://doi.org/10.70558/SPIJSH.2025.v2.i5.45179 |
| DOI | 10.70558/SPIJSH.2025.v2.i5.45179 |
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