ईश्वर विलास महाकाव्य में प्रतिबिम्बित वैदिक धर्म

ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities

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A Peer-Reviewed & Refereed International Multidisciplinary Monthly Journal

Call For Paper - Volume - 3 Issue - 2 (February 2026)

DOI: 10.70558/SPIJSH

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Article Title

ईश्वर विलास महाकाव्य में प्रतिबिम्बित वैदिक धर्म

Author(s) सोनू मीणा.
Country India
Abstract

प्रस्तुत शोधपत्र कविकलानिधि श्रीकृष्ण भट्ट रचित ईश्वरविलास महाकाव्य में प्रतिबिम्बित वैदिक धर्म के स्वरूप का विश्लेषण करता है। महाकाव्य में वर्णित जयपुर राजवंश के नरेशों की गहन धार्मिक निष्ठा, वैदिक परंपराओं में उनकी आस्था तथा विष्णुभक्ति का विशद चित्रण किया गया है। पृथ्वीराज, भारमल्ल, मानसिंह और जयसिंह जैसे राजा न केवल विष्णु के भक्त रहे, अपितु उन्होंने मंदिर निर्माण, तीर्थयात्रा, यज्ञ एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से वैदिक परंपरा को संरक्षित व समृद्ध किया। विशेष रूप से राजा मानसिंह द्वारा आमेर में शिलादेवी मंदिर, वृन्दावन में गोविन्ददेव मंदिर, तथा विभिन्न तीर्थ स्थलों पर मंदिर-निर्माण से यह स्पष्ट होता है कि शासक-वर्ग वैदिक धर्म के संरक्षक के रूप में कार्यरत था। महाकाव्य में वर्णित मंगलाचरण, ऐतिहासिक घटनाओं एवं शिलालेखीय प्रमाणों के आधार पर यह सिद्ध होता है कि जयपुर राजवंश की राजनीति और धार्मिकता में समन्वय विद्यमान था। यह अध्ययन न केवल एक साहित्यिक ग्रंथ की धार्मिक पृष्ठभूमि को उद्घाटित करता है, बल्कि मध्यकालीन भारत में वैदिक धर्म की पुनः प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक प्रयासों को भी उजागर करता है।

Area Hindi
Issue Volume 2, Issue 7 (July 2025)
Published 30-07-2025
How to Cite ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 2(7), 187-193, DOI: https://doi.org/10.70558/SPIJSH.2025.v2.i7.45282.
DOI 10.70558/SPIJSH.2025.v2.i7.45282

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