भारत-बांग्लादेश संबंधों में नया मोड़: शेख हसीना के जाने का क्षेत्रीय राजनीति पर प्रभाव

ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities

ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities

A Peer-Reviewed & Refereed International Multidisciplinary Monthly Journal

Call For Paper - Volume - 3 Issue - 2 (February 2026)

DOI: 10.70558/SPIJSH

Follows UGC Care Guidelines

Article Title

भारत-बांग्लादेश संबंधों में नया मोड़: शेख हसीना के जाने का क्षेत्रीय राजनीति पर प्रभाव

Author(s) डॉ. पप्पी मिश्रा, अजय प्रताप सिंह.
Country India
Abstract

भारत-बांग्लादेश संबंध पिछले दो दशकों में शेख़ी हसीना के नेतृत्व में स्थिरता, विश्वास और व्यापक सहयोग पर आधारित रहे हैं। हसीना के कम्युनिटी ने सीमा प्रबंधन, व्यापार वृद्धि, ऊर्जा सहयोग और सोलर पैनल को नई दिशा दी। अगस्त 2024 में उनके सत्ता से बाहर होने के बाद यह संबंध एक महत्वपूर्ण मोड़ पर कायम हैं। इस पत्र में द्वितीयक आँकड़ों और धार्मिक साहित्य के आधार पर विश्लेषण किया गया है कि सत्ता परिवर्तन का भारत-बांग्लादेश आपूर्ति, दक्षिण एशिया की शक्ति संतुलन व्यवस्था और शोध बे ऑफ बंगाल-इंडो-पैसिफिक क्षेत्रीय समूह पर क्या प्रभाव पड़ा है। अध्ययन से स्पष्ट हुआ कि भारत की प्रतिष्ठा अब केवल राजनीतिक स्तर पर नहीं है, बल्कि सामुदायिक उद्यम-जैसे ऊर्जा, व्यापार और जल संसाधन-पर टिकी हुई है। व्यापार एवं लॉजिस्टिक्स में कंपनी, सीमा प्रबंधन की विशेषताएं और जल बँटवारे की समाधान समस्याएँ नई चुनौतियाँ प्रस्तुत करती हैं। साथ ही, बिम्सटेक और सार्क जैसे क्षेत्रीय मंचों में बांग्लादेश की भूमिका, चीन और जापान के सक्रिय और इंडो-पैसिफिक में उभरते परिदृश्य क्षेत्रीय परिदृश्य को और जटिल बना रही है। रिसर्च-पत्र का निष्कर्ष यह है कि निकट भविष्य में स्थिरता बहाल करने के लिए एसएमई एसओपी सुधार, ऊर्जा व्यापार के नियम और बे ऑफ बंगाल में बहुआयामी सहयोग शक्ति सिद्ध होगी।

Area Political Science
Issue Volume 2, Issue 8 (August 2025)
Published 26-08-2025
How to Cite ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 2(8), 121-135, DOI: https://doi.org/10.70558/SPIJSH.2025.v2.i8.45313.
DOI 10.70558/SPIJSH.2025.v2.i8.45313

PDF View / Download PDF File