| Paper Title | भारत में नील की खेती और व्यापार पर डच यात्री की रिपोर्ट |
| Author(s) | रितु चन्दर. |
| Country | India |
| Abstract | प्रस्तुत शोध-लेख डच व्यापारी और वीओसी (वेरिनिग्दे ओस्ट-इंडिशे कंपनी) प्रतिनिधि फ्रांसिस पेलसार्ट की रिपोर्ट रिमॉन्स्ट्रैन्टी (१६२६) के नील-अध्याय पर आधारित है। पेलसार्ट ने १६२० से १६२७ तक आगरा में वीओसी के वरिष्ठ प्रतिनिधि के रूप में कार्य किया और इस अवधि में बयाना तथा आसपास के नील-उत्पादक क्षेत्रों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया। यह लेख पेलसार्ट के विवरण के आधार पर जहाँगीर कालीन भारत में नील की खेती, उत्पादन-प्रक्रिया, गुणवत्ता-परीक्षण, बाज़ार-व्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के स्वरूप का विश्लेषण करता है। लेख में नील की तीन किस्मों—नौती, ज़ियारी और कटेल—का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया गया है तथा बयाना, घनोआ, हिंदौन, बस्सौवेर और तोरा जैसे प्रमुख उत्पादन-केंद्रों की भौगोलिक-व्यापारिक स्थिति का परीक्षण किया गया है। इसके अतिरिक्त लेख में नील की मिलावट की समस्या, मूल्य-निर्धारण की जटिलताएँ, अर्मेनियाई और हिंदू व्यापारियों की भूमिका, तथा डच और अंग्रेज़ कंपनियों के बीच व्यापारिक प्रतिस्पर्धा का भी विवेचन किया गया है। पेलसार्ट का यह विवरण केवल एक व्यापारिक रिपोर्ट नहीं है, बल्कि यह मुगल कालीन कृषि-अर्थव्यवस्था, ग्रामीण उत्पादन-प्रणाली और वैश्विक व्यापार-नेटवर्क में भारत की स्थिति को समझने का एक दुर्लभ प्राथमिक स्रोत है। यह लेख यह भी स्थापित करता है कि पेलसार्ट का नील-विवरण परवर्ती इतिहासकारों—विशेषतः मोरलैंड—की उस थीसिस की पुष्टि करता है जिसमें मुगल कालीन भारत को एक शोषणकारी आर्थिक संरचना के रूप में देखा गया है, जहाँ किसान और कारीगर उत्पादन करते थे किंतु लाभ का बड़ा हिस्सा व्यापारी वर्ग और राज्य को मिलता था। |
| Keywords | नील, बयाना, रिमॉन्स्ट्रैन्टी, पेलसार्ट, वीओसी, जहाँगीर, मुगल कालीन व्यापार, कृषि-र्थव्यवस्था |
| Subject Area | History |
| Issue | Volume 3, Issue 9 (September 2026) |
| Published | 2026/09/11 |
| How to Cite | रितु चन्दर (2026). भारत में नील की खेती और व्यापार पर डच यात्री की रिपोर्ट. ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 3(9), 43–49. |
| License |
Copyright © 2026 The Author(s). This work is licensed under a
Creative Commons Attribution 4.0 International License (CC BY 4.0). |
View / Download PDF File