ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities

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A Peer-Reviewed & Refereed International Multidisciplinary Monthly Journal

Call For Paper - Volume - 3 Issue - 6 (June 2026)
Article Title

स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं का अप्रतिम योगदान

Author(s) शालिनी यादव.
Country India
Abstract

भारत के स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास बलिदान, संघर्ष और अदम्य साहस की गाथा है। इस महान आंदोलन में महिलाओं का योगदान अद्वितीय और प्रेरणादायक रहा है। भारतीय समाज, जो सदियों से पितृसत्तात्मक व्यवस्था के अधीन था, महिलाओं को परंपरागत रूप से घर और परिवार तक सीमित माना जाता था। इसके बावजूद, स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महिलाओं ने सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक बाधाओं को पार करते हुए देश की आज़ादी के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। उनके इस योगदान ने न केवल स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया, बल्कि भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति को बदलने की दिशा में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता आंदोलन ने भारतीय महिलाओं को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया। महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस और जवाहरलाल नेहरू जैसे नेताओं ने महिलाओं को स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान महिलाओं ने न केवल असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे बड़े आंदोलनों में भाग लिया, बल्कि कई ने अपने प्राणों की आहुति देकर इतिहास के पन्नों पर अपनी अमिट छाप छोड़ी।

Area Hindi
Issue Volume 2, Issue 1 (January 2025)
Published 2025/01/30
How to Cite शालिनी यादव (2025). स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं का अप्रतिम योगदान. ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 2(1), 120–127. https://doi.org/10.70558/SPIJSH.2024.v2.i1.45172
DOI 10.70558/SPIJSH.2024.v2.i1.45172

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