हिन्दी फिल्मों में महिलाओं का चरित्र-चित्रण: पर्दे पर महिला पात्रों की भूमिका

ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities

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A Peer-Reviewed & Refereed International Multidisciplinary Monthly Journal

Call For Paper - Volume - 3 Issue - 2 (February 2026)

DOI: 10.70558/SPIJSH

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Article Title

हिन्दी फिल्मों में महिलाओं का चरित्र-चित्रण: पर्दे पर महिला पात्रों की भूमिका

Author(s) Princi Mishra, Dr. Rachana Gangwar.
Country India
Abstract

फिल्मों को हम समाज में स्त्री के भीतर के अंतर विरोध और दमन को आवाज़ देने के एक सशक्त माध्यम के रूप में देख सकते हैं। चूंकि सिनेमा ज़हिर तौर पर समाज का आईना होता है, ज़रूरी है कि समाज अपनी ओर एक नज़र देखे। इस शोध में चर्चा का विषय मुख्य रूप से तीन क्रांतिकारी फिल्में है, जो दर्शकों को झकझोर कर जगाने का काम करती हैं। इन कहानियों की पटकथा नायिकाओं के इर्द-गिर्द लिखी गई हैं। भूमिका, लज्जा और अर्थ तीनों ही फिल्मों की कहानियाँ नायिकाओं के कंधों पर आगे बढ़ती हैं। जीवन के संघर्ष से लेकर, अस्तित्व की लड़ाई तक का सफर तय करते इन फिल्मों के मुख्य किरदार समाज को औरतों की ओर एक नय दृष्टिकोण से देखने के लिए प्रेरित करने का काम करते हैं।

Area Other
Issue Volume 2, Issue 5 (May 2025)
Published 30-05-2025
How to Cite Mishra, P., & Gangwar, R. (2025). हिन्दी फिल्मों में महिलाओं का चरित्र-चित्रण: पर्दे पर महिला पात्रों की भूमिका. ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 2(5), 129-136, DOI: https://doi.org/10.70558/SPIJSH.2025.v2.i5.45188.
DOI 10.70558/SPIJSH.2025.v2.i5.45188

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