अरुणाचल प्रदेश के हिन्दी कथा-साहित्य में चित्रित ग्रामीण जीवन

ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities

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A Peer-Reviewed & Refereed International Multidisciplinary Monthly Journal

Call For Paper - Volume - 3 Issue - 5 (May 2026)

DOI: 10.70558/SPIJSH

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Article Title

अरुणाचल प्रदेश के हिन्दी कथा-साहित्य में चित्रित ग्रामीण जीवन

Author(s) नैनुंग नोनांग, डॉ. बृजेश कुमार.
Country India
Abstract

यह शोध पत्र हिन्दी कथा-साहित्य के परिप्रेक्ष्य में उल्लेखित ग्रामीण जीवन का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। पर्वतीय प्रांत अरुणाचल प्रदेश छोटे-छोटे गाँवों से घिरा हुआ आदिवासियों का निवास-स्थल है, जहाँ विस्तृत समाज की विविधता देखी जाती है। इन्हीं गाँवों की परंपराओं, विचारों आदि के अंतर्गत हिंदी कथा-साहित्य की रचना होती है। ग्रामीण जीवन की सामाजिक व्यवस्था से परिपूर्ण कथा-साहित्य की सृष्टि इन कथाओं में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। अर्थात इन साहित्यों में उनकी सामाजिक व्यवस्था, परंपराएँ, जीवन-मूल्य आदि की प्रभावपूर्ण अभिव्यक्ति हुई है। अरुणाचल प्रदेश के कथा-साहित्य लेखक के विचारों, भावों तथा नैतिक बोध की अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। हिन्दी कथा-साहित्य में समाज में प्रचलित भावनाओं के साथ-साथ समाज-सुधार की आकांक्षा भी स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है।

Area Hindi
Issue Volume 3, Issue 4 (April 2026)
Published 2026/04/24
How to Cite ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 3(4), 168-175, DOI: https://doi.org/10.70558/SPIJSH.2026.v3.i4.45693.
DOI 10.70558/SPIJSH.2026.v3.i4.45693

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