| Paper Title |
वैदान्तिक के रूप में दारा शिकोह : एक अध्ययन |
| Author(s) | आबु नुराइन. |
| Country | India |
| Abstract |
युवराज दारा शिकोह भारतीय मुगल सम्राट शाहजहाँ के ज्येष्ठ पुत्र थे । मोहम्मद दारा शिकोह का जन्म 20 मार्च 1615 ई. को राजस्थान के अजमेर शहर में हुआ था । ऐसी प्रसिद्धि है कि बादशाह शाहजहाँ ने पुत्र प्राप्ति के लिए अजमेर में ख्वाजा मइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैहि की दरगाह में जाकर मन्नत माँगी थी । दारा शिकोह की जीवन-यापन, रहन-सहन में ख्वाजा तथा सूफी धारा का स्पष्ट प्रभाव सतही दिखाई देता है । जिन्होंने महज 40 वर्ष की उम्र में ‘मज्मा-उल-बहरैन’ नामक एक पुस्तक लिखी जो फारसी भाषा में है, जिसका अंग्रेजी नाम ‘मिंगलिंग ऑफ टू ओशन्स’ अर्थात ‘दो महासागरों का मिलन’, संस्कृत में जो ‘समुद्रसंगम’ के नाम से विख्यात है । इस ग्रंथ में वेदान्त दर्शन के प्रकरण ग्रन्थ ’वेदान्त सार’ से मिलते जुलते वेदान्त दर्शन का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया है । दारा शिकोह ने जिसमें पंचमहाभूत, ईश्वर, ईश्वर के गुणों, ईश्वर के दूत, पृथ्वी, जीवन एवं विदेह मुक्ति जैसे विषयों का वर्णन एक वैदन्तिक के रूप में सूफी शैली में किया हैं । यह शोध आलेख सामान्य रूप से दारा शिकोह के साहित्यिक योगदान और विशेष रूप से ’मज्मा‘उल-बहरैन’ के परिप्रेक्ष में अध्ययन है । |
| Subject Area | Sanskrit |
| Issue | Volume 2, Issue 5 (May 2025) |
| Published | 2025/05/03 |
| How to Cite | आबु नुराइन (2025). वैदान्तिक के रूप में दारा शिकोह : एक अध्ययन. ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 2(5), 20–28. https://doi.org/10.70558/SPIJSH.2025.v2.i5.45176 |
| DOI | 10.70558/SPIJSH.2025.v2.i5.45176 |
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