| Article Title |
सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बढ़ती ‘डिजिटल अरेस्ट’ की सामाजिक समस्या का अध्ययन |
| Author(s) | विकास द्विवेदी, डा. दिवाकर अवस्थी. |
| Country | India |
| Abstract |
देश में बीते कुछ दिनों से लोगों की जागरूकता के अभाव में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है। इसमें अपराधी, आम लोगों के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मौजूद निजी जानकारी प्राप्त कर ऑनलाइन कॉल के माध्यम से खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी, सीबीआई अधिकारी, आयकर अधिकारी और जज के रूप में तक भी पेश करते है। कॉल की वैधता दर्शाने के लिए वे कोर्टरूम या पुलिस स्टेशन जैसा सेट-अप बनाकर वित्तीय कदाचार, कर चोरी या अन्य कानूनी उल्लंघनों जैसे विभिन्न कारणों का हवाला देते हुए डिजिटल गिरफ्तारी वारंट जारी होने की धमकी देते है। वे पीड़ितों को जाँच से अपना नाम हटवाने के नाम पर अपने बैंक खातों से बड़ी रकम अपराधियों के खातों में स्थानांतरित करने के लिए मजबूर करते है। जब पीड़ित सहमत होकर भुगतान कर देता है, तो घोटालेबाज गायब हो जाते हैं, जिससे पीड़ित को वित्तीय नुकसान और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। मानसिक टार्चर और अपनी बदनामी के डर से पीड़ित खुद को हफ्तों के लिए घर में कैद कर लेता है साथ ही किसी से कोई भी जानकारी साझा नही कर पाता है। अब तक पुलिस भी ऐसे ज्यादातर मामलों में अपराधियों को ट्रेस कर पाने में नाकाम रही है। समस्या कितनी बड़ी है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में देश के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी को भी इस बारे में रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ से लोगों को जागरूक होने की अपील करनी पड़ी है। उधर मोबाइल पर कॉलर ट्यून के माध्यम से भी जागरूकता सन्देश भी चलाया जा रहा है। प्रस्तुत शोध पत्र में शोधार्थी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सार्वजनिक की गयी निजी जानकारी से बढ़ते डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराध की समस्या अध्ययन किया गया है। |
| Area | Journalism and Mass Communication |
| Issue | Volume 2, Issue 7 (July 2025) |
| Published | 30-07-2025 |
| How to Cite | ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 2(7), 145-152, DOI: https://doi.org/10.70558/SPIJSH.2025.v2.i7.45274. |
| DOI | 10.70558/SPIJSH.2025.v2.i7.45274 |
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