| Article Title |
लोकतांत्रिक भागीदारी और महिला सशक्तिकरण: छतरपुर विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण महिलाओं के मतदान रुझानों का विश्लेषण |
| Author(s) | गिरीश कुमार रैकवार, डॉ. संगीता मुखर्जी, डॉली पाण्डेय. |
| Country | India |
| Abstract |
आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि 2008 से 2013 के बीच मतदान प्रतिशत में गिरावट (60.4% से 48.8%) के बाद 2018 में इसमें उल्लेखनीय वृद्धि (71.07%) हुई, और 2023 में अनुमानित 73–75% तक पहुँच गया। राज्य स्तर पर 2023 में महिला मतदान प्रतिशत (71.14%) पुरुषों (71.19%) के बराबर हो गया, जो पिछले दो दशकों में आए सकारात्मक बदलाव का संकेत है। लाड़ली बहना योजना जैसी सरकारी कल्याणकारी नीतियों ने महिलाओं में राजनीतिक जागरूकता और मतदान की प्रेरणा को बढ़ाया, जिसके परिणामस्वरूप लाभार्थियों में 1% वृद्धि से महिला मतदान में औसतन 0.04% की अतिरिक्त वृद्धि देखी गई। अध्ययन यह भी दर्शाता है कि आर्थिक सहायता, शिक्षा एवं साक्षरता, महिला उम्मीदवारों की उपस्थिति और पंचायत स्तर पर आरक्षण ने महिलाओं की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया। छतरपुर जिले में हाशिए पर रहने वाली महिलाओं में 64.8% लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी हैं और ऐसे क्षेत्रों में सत्ताधारी दल की सफलता दर 83.3% रही, जो सशक्तिकरण और राजनीतिक परिणामों के बीच मजबूत संबंध को रेखांकित करता है ।कुल मिलाकर, यह शोध इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि जब ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक अवसर मिलते हैं, तो वे लोकतंत्र में समान और प्रभावी भागीदार बन जाती हैं। इस प्रकार, महिला मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी न केवल सामाजिक न्याय बल्कि लोकतांत्रिक मजबूती का भी प्रतीक है। |
| Area | Political Science |
| Issue | Volume 2, Issue 8 (August 2025) |
| Published | 16-08-2025 |
| How to Cite | ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 2(8), 74-79, DOI: https://doi.org/10.70558/SPIJSH.2025.v2.i8.45305. |
| DOI | 10.70558/SPIJSH.2025.v2.i8.45305 |
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