| Paper Title | भारतीय समाज सुधारकों के कार्य: सामाजिक एवं राजनीतिक प्रभाव |
| Author(s) | नलिनी गोवर्धन बनसोड, लवकुमार चिमनसिंग हारामी, राजेश मधुकर सोनकुसरे. |
| Country | India |
| Abstract | सारांशः भारतीय समाज में प्राचीन काल से ही सामाजिक असमानता, अंधविश्वास, जातिगत भेदभाव और लिंग भेदभाव जैसी समस्याएँ रही हैं। 19वीं और 20वीं शताब्दी में, भारतीय समाज सुधारकों ने मध्यकालीन भारतीय समाज को आधुनिक बनाने और असमानता के खिलाफ लड़ने के लिए कार्य किये। भारतीय समाज सुधारकों ने असमानता, अंधविश्वास, जातिगत भेदभाव और लिंग भेदभाव जैसी सामाजिक समस्याओं से लड़कर समाज की समग्र प्रगति के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया है। राजा राममोहन राय, महात्मा ज्योतिराव फुले, सावित्रीबाई फुले, डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर जैसे सुधारकों ने शिक्षा, लैंगिक समानता, अस्पृश्यता उन्मूलन और सामाजिक न्याय के लिए महत्वपूर्ण क्रांतिकारी कार्य किये। इस शोध पत्र में भारतीय समाज सुधारकों के कार्यों का सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र पर प्रभाव का अध्ययन किया गया है। उनके प्रयासों से समाज में जागरूकता पैदा हुई, शिक्षा का प्रसार हुआ और महिलाओं तथा वंचित वर्गों को सशक्त बनाया गया। साथ ही, उनके कार्यो ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत किया और लोकतांत्रिक मूल्यों को स्थापित किया। इस शोध का मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि सती प्रथा, विधवा विवाह, महिला शिक्षा और अस्पृश्यता उन्मूलन जैसे सामाजिक आंदोलनों ने कैसे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लिए एक मजबूत नैतिक आधार तैयार किया। सामाजिक समानता के बिना राजकीय स्वातंत्र्यता अपूर्ण है, यह विचार इन सुधारकों ने प्रस्तूत किये। |
| Subject Area | Humanities |
| Issue | Volume 3, Issue 5 (May 2026) |
| Published | 2026/05/08 |
| How to Cite | नलिनी गोवर्धन बनसोड, लवकुमार चिमनसिंग हारामी एवं राजेश मधुकर सोनकुसरे (2026). भारतीय समाज सुधारकों के कार्य: सामाजिक एवं राजनीतिक प्रभाव. ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 3(5), 56–64. https://doi.org/10.70558/spijsh.2026.v3.i5.45724 |
| DOI | 10.70558/SPIJSH.2026.v3.i5.45724 |
| License |
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