| Article Title |
सामाजिक रीति-रिवाजों के दौरान प्रचलित विशिष्ट कीर्तन शैलियाँ |
| Author(s) | Dr. Shupreet singh. |
| Country | India |
| Abstract |
इस शोध-पत्र में गुरमत संगीत की गायक शैलियों का अध्ययन सामाजिक रीति-रिवाजों के संदर्भ में किया गया है। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि सिख धर्म में जन्म से लेकर मृत्यु तक प्रत्येक जीवन-चरण में गुरबाणी कीर्तन का विशेष स्थान है। विभिन्न सामाजिक अवसरों—जैसे जन्म, सगाई, विवाह (आनंद कारज), मृत्यु संस्कार, गृह प्रवेश, नए कार्य की शुरुआत तथा शैक्षणिक सत्रारंभ—पर विशिष्ट शबदों का गायन एक स्थापित परंपरा के रूप में प्रचलित है। अध्ययन से यह ज्ञात होता है कि गुरमत संगीत केवल धार्मिक अनुष्ठान का अंग नहीं, बल्कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन को आध्यात्मिकता से जोड़ने का माध्यम भी है। प्रत्येक अवसर के अनुरूप चुने गए शबद न केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति करते हैं, बल्कि व्यक्ति को ईश्वर से जोड़ते हुए जीवन के मूल्यों—जैसे कृतज्ञता, संतोष, वैराग्य और नाम-स्मरण—की ओर प्रेरित करते हैं। इसके अतिरिक्त, रैन-सभाई कीर्तन जैसी परंपराएँ गुरमत संगीत की गहराई और सामूहिक आध्यात्मिक अनुभव को दर्शाती हैं। इस प्रकार यह शोध यह स्थापित करता है कि गुरमत संगीत की गायक शैलियाँ सिख जीवन-पद्धति का अभिन्न अंग हैं, जो सामाजिक अवसरों को आध्यात्मिक अर्थ प्रदान करती हैं। |
| Area | Music |
| Issue | Volume 3, Issue 5 (May 2026) |
| Published | 2026/05/30 |
| How to Cite | singh, S. (2026). सामाजिक रीति-रिवाजों के दौरान प्रचलित विशिष्ट कीर्तन शैलियाँ. ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 3(5), 387–393. |
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