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ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities

ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities

A Peer-Reviewed & Refereed International Multidisciplinary Monthly Journal

Call For Papers - Volume - 3 Issue - 7 (July 2026)
Paper Title

परिवार का भाषा अधिग्रहण पर प्रभावः एक समालोचनात्मक अध्ययन

Author(s) Dr. Amrita Marshal.
Country India
Abstract

सारांशः भाषा अधिग्रहण (Language Acquisition) बालक के समग्र विकास की आधारभूत प्रक्रिया है। जन्म के पश्चात् बालक सर्वप्रथम परिवार के संपर्क में आता है और यहीं से उसके भाषाई विकास की शुरुआत होती है। परिवार न केवल प्रथम सामाजिक संस्था है, बल्कि भाषा सीखने का सबसे प्रभावशाली माध्यम भी है। माता-पिता, दादा-दादी, भाई-बहन तथा अन्य पारिवारिक सदस्य बालक के लिए भाषाई आदर्श (Linguistic Models) का कार्य करते हैं। परिवार में होने वाले दैनिक संवाद, कहानी-कथन, लोकगीत, सांस्कृतिक गतिविधियाँ तथा भावनात्मक अंतःक्रियाएँ भाषा अधिग्रहण को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती हैं (Bruner, 1983; Vygotsky, 1978)। आधुनिक अनुसंधानों से स्पष्ट हुआ है कि जिन परिवारों में बच्चों के साथ नियमित वार्तालाप, पुस्तक-पठन, प्रश्नोत्तर तथा संप्रेषणात्मक गतिविधियाँ होती हैं, वहाँ बच्चों की शब्दावली, व्याकरणिक दक्षता, संप्रेषण कौशल तथा साक्षरता का विकास अधिक प्रभावी होता है (Bornstein et al., 2020)। इसके विपरीत संवादहीन, तनावपूर्ण अथवा अत्यधिक डिजिटल-निर्भर पारिवारिक वातावरण भाषा विकास को बाधित कर सकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने भी प्रारम्भिक शिक्षा में मातृभाषा एवं स्थानीय भाषा को सीखने के सर्वोत्तम माध्यम के रूप में स्वीकार किया है (Government of India, 2020)। इस शोध-पत्र का उद्देश्य परिवार के विभिन्न आयामों—जैसे माता-पिता की शिक्षा, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, पारिवारिक संवाद, सांस्कृतिक वातावरण तथा बहुभाषिकता—के भाषा अधिग्रहण पर प्रभाव का समालोचनात्मक विश्लेषण करना है।

Keywords भाषा अधिग्रहण, परिवार, मातृभाषा, भाषायी वातावरण, सामाजिक अंतःक्रिया, बाल विकास
Subject Area Education
Issue Volume 3, Issue 7 (July 2026)
Published 2026/07/15
How to Cite Marshal, A. (2026). परिवार का भाषा अधिग्रहण पर प्रभावः एक समालोचनात्मक अध्ययन. ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 3(7), 35–43.

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