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ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities

ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities

A Peer-Reviewed & Refereed International Multidisciplinary Monthly Journal

Call For Papers - Volume 3, Issue 9 (September 2026)
Paper Title

इक्कीसवीं सदी के हिंदी कथा साहित्य में मनीषा कुलश्रेष्ठ का रचनात्मक अवदान : एक समकालीन विश्लेषण

Author(s)डॉ. शची सिंह, योगिता वर्धन.
CountryIndia
Abstract

इक्कीसवीं सदी के हिंदी कथा-साहित्य में मनीषा कुलश्रेष्ठ की रचनात्मक उपस्थिति एक सशक्त विमर्श के रूप में उभरती है जो स्त्री अस्मिता, यौनिकता, सामाजिक यथार्थ, आदिवासी चेतना, मिथकीय प्रतीकों और लोक-संस्कृति जैसे विषयों को गहन संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है। उनकी कहानियाँ स्त्री को स्मृति, प्रतिरोध और पुनर्रचना की चेतना से युक्त समग्र सत्ता के रूप में चित्रित करती है। उनका शिल्प रैखिकता से मुक्त होकर अनुभव और स्मृति की बहुस्तरीयता पर केंद्रित है जिसमें आंचलिकता और आधुनिकता का संतुलन, प्रतीकों का सशक्त प्रयोग और पात्रों की मनोवैज्ञानिक गहराई विशेष महत्व रखती है। यह शोध-पत्र उनके कथा-साहित्य का समकालीन दृष्टिकोण से विश्लेषण करता है और यह स्थापित करता है कि उन्होंने परंपरा और आधुनिकता के बीच रचनात्मक संवाद की एक नई धारा हिंदी साहित्य में विकसित की है।

Subject AreaHindi
Issue Volume 2, Issue 8 (August 2025)
Published2025/08/07
How to Cite शची सिंह एवं योगिता वर्धन (2025). इक्कीसवीं सदी के हिंदी कथा साहित्य में मनीषा कुलश्रेष्ठ का रचनात्मक अवदान : एक समकालीन विश्लेषण. ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 2(8), 7–12. https://doi.org/10.70558/spijsh.2025.v2.i8.45285
DOI 10.70558/SPIJSH.2025.v2.i8.45285
License
Copyright © 2025 The Author(s). This work is licensed under a Creative Commons Attribution 4.0 International License (CC BY 4.0).

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