| Paper Title | भारत में युवाओं की राजनीतिक अभिरुचि एवं सहभागिता का अध्ययन |
| Author(s) | |
| Country | India |
| Abstract | युवाओं की राजनीतिक अभिरुचि और सहभागिता का अर्थ किसी भी देश के युवाओं द्वारा किया गया वह व्यवहार है जिसके द्वारा राजनीतिक पटल को प्रभावित करने के प्रयास किया जाता है | इसके साथ ही शासन को लोकतंत्र के प्रति उत्तरदायी बनाने का कार्य किया जाता है | इसे अभ्यास में लाने के पीछे राजनीतिक प्रेरणा कार्य करती है जो बहुत विभिन्न प्रकार के राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक कारकों से प्रभावित होती है | राजनीतिक भागीदारी का अर्थ केवल चुनाव के समय एक मतदाता के रूप में सक्रिय होने से कहीं अधिक है | इस प्रक्रिया के अंतर्गत युवा तब भी भागीदारी निभाते हैं जब चुनाव संचालित नहीं भी हो रहा हो | यह एक निरंतर घटित होने वाली गतिशील प्रक्रिया है जो युवाओं की लोकतंत्र को लेकर सजगता पर निर्भर करती है | इसके लिए वे कई गतिविधियों जैसे सार्वजनिक सभाओं में भाग लेना, राजनीतिक संगठनों का गठन करना, वाद विवाद एवं विचार गोष्ठियों में भाग लेना, राजनीतिक दलों की सदस्यता लेना, उनके प्रचार कार्यक्रमों में हिस्सेदारी करना ,उम्मीदवारों से प्रत्यक्ष संपर्क स्थापित करना एवं आम लोगों को राजनीतिक नीतियों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाना आदि को संचालित करते हैं | इनका स्वरुप व्यक्तिगत एवं सामूहिक किसी भी प्रकार का हो सकता है | यह युवा की शक्ति एवं संसाधनों पर निर्भर करता है| यदि उसके पास पर्याप्त संसाधन एवं कौशल उपलब्ध है तो इस भागीदारी का रूप अपने उच्च स्तर को प्राप्त कर सकता है | इसके अतिरिक्त भारत में हमेशा से शासन द्वारा प्रयास भी किये गए हैं ताकि युवाओं को अधिकाधिक राजनीतिक भागीदारी करने का अवसर मिल सके | इन प्रयासों के फलस्वरूप युवाओं की राजनीतिक भागीदारी में प्रगति देखने को मिलती है क्यूंकि भारत का इतिहास इस बात का साक्षी है कि युवाओं हमेशा ही राष्ट्र की उन्नति हेतु शासकीय स्तर पर अपनी सहभागिता के द्वारा निर्णायक भूमिका का वहन किया है | यह कहना अतिशयोक्ति नही है कि युवाओं की राजनीतिक समझ में अन्य वर्गों की तुलना में काफी अंतर पाया जाता है क्यूंकि वे अद्यतन जानकारी को प्राप्त करने के लिया प्रयासरत रहते हैं परन्तु फिर भी ऐसी कई चुनौतियां मौजूद हैं जो युवाओं की भागीदारी के स्तर को प्रभावित करती हैं | इन चुनौतियों के निदान की महती आवश्यकता है ताकि युवा राजनीतिक प्रतिनिधित्व की ओर अग्रसर हो सके | युवाओं की राजनीतिक शिक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था हो ताकि वे अपनी राजनीतिक अभिरुचि का विस्तार कर सकें | उन्हें लोकतंत्र के सभी आयामों का ज्ञान हो ताकि उनके विचार किसी व्यक्ति या समूह के प्रति पूर्वाग्रह से प्रभावित ना हो अपितु समावेशी ओर सकारात्मक सोच का प्रतिनिधित्व करते हों | अतः वैश्वीकरण के इस युग में जहां देश को प्रगति की दौड़ में आगे निकलना हो, उसके लिए युवा वर्ग की नवाचारी सोच का राजनीतिक स्तर पर प्रयोग करने के लिए उन्हे लोकतांत्रिक अवसर मिलें ताकि वे देश के विकास में अपना योगदान दे सके | |
| Keywords | सहभागिता, अभिरुचि, लोकतंत्र, मतदान, वैश्वीकरण ,सक्रियता, राजनीतिक शिक्षा ,राजनीतिक उदासीनता |
| Subject Area | Political Science |
| Issue | Volume 3, Issue 7 (July 2026) |
| Published | 2026/07/30 |
| How to Cite | Parashar, P. (2026). भारत में युवाओं की राजनीतिक अभिरुचि एवं सहभागिता का अध्ययन. ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities, 3(7), 194–202. https://doi.org/10.70558/spijsh.2026.v3.i7.45857 |
| DOI | 10.70558/SPIJSH.2026.v3.i7.45857 |
| License |
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